CG : पूर्व के नक्सल प्रभावित ग्राम कमारभौदी में लगाई गई जनसमस्या निवारण शिविर…
कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण बड़ी संख्या मे रहे उपस्थित
गरियाबंद । गरियाबंद विकासखण्ड के पूर्व में नक्सल से प्रभावित एवं अंतर्राज्यीय सीमा से लगे दुर्गम वनांचल ग्राम कमारभौदी में आज जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। काफी समय बाद जिला प्रशासन की पूरी टीम एक साथ वहॉ पहुंची थी। जिसे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शिविर में बड़ी संख्या में आसपास क्षेत्र के ग्रामीण उपस्थित होकर अपनी मांगे एवं समस्याएं को लेकर आवेदन प्रशासन के समक्ष रखीं। शिविर में सभी विभाग के स्टॉल लगाए गए थे।
इस दौरान कलेक्टर एसपी ने भी स्वास्थ्य विभाग की स्टॉल पहुंचकर बीपी, शुगर की जांच कराई। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, आंगनबाड़ी, अस्पताल, पेयजल, पुल-पुलिया, स्टाफ डैम, हैण्डपंप, सामुदायिक भवन, नलजल, आवास सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन को आवेदन सौंपा। इस पर विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से परीक्षण कर पात्रतानुसार निराकरण किया।
जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में आज मांग एवं समस्याओं से संबंधित 27 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें से 22 आवेदनों का शिविर स्थल पर निराकरण किया गया। इसके अलावा 5 आवेदन के प्रकरण को शासन स्तर पर निराकरण के लिए भेजा जाएगा। शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभिन्न हितग्राहियों को पात्रतानुसार छड़ी वितरण, जाल एवं आईंस बॉक्स का वितरण किया। साथ ही 02 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं 02 बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया। मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। साथ ही पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से टीबी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच की गई, जिससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को मौके पर ही आधुनिक जांच सुविधा का लाभ मिला। शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को छड़ी, मत्स्य योजना अंतर्गत हितग्राहियों को जाल एवं आइस बॉक्स का वितरण किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भ संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर ने कहा कि सरकार के जितने भी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन गरियाबंद जनपद क्षेत्र के अंतिम गॉव कमारभौदी आए हुए है। जो भी पात्र हितग्राही वंचित हो गए है। उन्हें पात्रतानुसार लाभ अवश्य मिलेगा, ताकि उनके जीवनस्तर में सुधार हो सके। इससे उनकी जिंदगी में बदलाव आएगा। जनपद अध्यक्ष सोहन धु्रव ने कहा कि सरकार के जितने भी योजनाएं संचालित की जा रही है।
उसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। हितग्राहियों को लाभ मिल सकें, इसलिए प्रशासन यहॉ पहुंची हुई है। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि निश्चित रूप से कमारभौदी में शिविर लगाना लाभदायक सिद्ध होगा। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न मांग एवं समस्याओं के बारे में अवगत कराते हुए जिला प्रशासन एवं शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ निराकरण करने का आग्रह किया। साथ ही जनपद उपाध्यक्ष लेखराम साहू ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया।
कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि 31 मार्च 2026 को देश पूरी तरह से नक्सल मुक्त होने के साथ ही साथ गरियाबंद जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नक्सल मुक्त होने के उपरांत हमने ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में मुहिम के तौर पर चुना है। जहॉ पहले शासन की कुछ योजनाओं का लाभ लोगों को प्राप्त नहीं हो पाती थी। अब शासन स्तर पर उनके सभी मांगो एवं समस्याओं को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि इस क्षेत्र में सुगम यातायात की सुविधा सभी को मिल सके इसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र का मरम्मत कराया जाएगा। साथ ही शिविर में डुमरबाहरा में उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने एवं विद्युत विस्तार करने की मांग भी आई है। उस प्रस्ताव को शासन स्तर पर भेजा जाएगा ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, एसडीएम हितेश्वरी बाघे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



